Tuesday, August 20, 2013

Happy Raksha Bandhan



कहते हैं कि अशोक वाटिका में रावण के निकट
आने
पर माता सीता ने उस के और अपने बीच एक
तिनका रख दिया था और रावण
को चेतावनी दी थी कि तू
यदि इतना ही सामर्थ्यशाली है तो इस तिनके
को पार कर के दिखा. क्या आप जानते हैं, कि उस
तिनके भर पर सीता माता का इतना विश्वास
क्यों था? तिनके को 'भूमिज' कहा जाता है
(जो भूमि की कोख से पैदा हुआ हो). और
माता सीता का अवतरण भी भूमि से हुआ था,
जिसके
कारण उन्हें भूमिजा भी कहा जाता है.
माता सीता ने उस तिनके में अपना सहोदर,
भूमि से
ही उपजा अपना भाई देखा था और
वो जानती थीं कि किसी भाई
की उपस्तिथि में
किसी भी दुराचारी रावण की इतनी सामर्थ्य
नहीं कि उसकी बहन को छू भी सके. ईश्वर
सभी बहनों को भाई के रूप में ऐसा ही भरोसा दे .
रक्षाबंधन पर सभी बहनों को सादर प्रणाम व
बधाई...
शुप्रभात।

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