Sunday, July 20, 2014

आज तेरे प्यार की कहानी लिखता हूँ



बातें कुछ भूली बिसरी पुरानी लिखता हूँ ,
आज तेरे प्यार की कहानी लिखता हूँ।

तुझे सोचता हूँ तो साँसे महकती हैं मेरी
दिल के खुदा को दिल क़ि जुबानी लिखता हूँ,

हम तुम इतने जुदा एक होते भी कैसे;
खुद को दीवाना तुझको सयानी लिखता हूँ

तेरी जुल्फों क़ि छाँव में कटती ऐ काश जिन्दगी,
कुछ हसरते गुमनाम कुछ
जानी पहचानी लिखता हूँ,

अपने अधिकार से परे भी तेरे बारे में सोचा है
कई बार,
ईमान से आज दिल क़ि सारी बेईमानी लिखता हूँ
आज तेरे प्यार क़ि कहानी लिखता हूँ..

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