Wednesday, June 18, 2014

मै तो उससे प्यार करता हु दिवानो कि तरह




तू थाम लिया मुझे उस चौराहे पे
जहा मै घायल पड़ा था 
जो साथ चल रहा था मेरे
न जाने कब रास्ता बदल लिया

मै तो प्यार करता था उसे दिवानो कि तरह
पर वो इतनी खामोशी से रास्ता बदल लिया
शायद जो मै मशीन कहा करता था अपने आप को
हो सकता है उसने मुझे मशीन ही समझ लिया होगा
तभी तो,दिया नहीं मौका अपनी बेगुनाही साबित करने को
या फिर डरती थी प्यार में जीने को
कोशिश की मैंने बहुत उसको साथ ले चलने को
पर जो रास्ता पहुचता था उसके घर को 
ना जाने वो हर रस्ते क्यों बंद कर दिया 
पर वो भी जानती है कितना प्यार करता हु
अब तो एक जिद्द सी हो गयी है उसे पाने को
अगर वो रास्ता बंद करना जानती है 
तो मै खुद रास्ता बनाना जानता हु 
क्योंकि मै तो उससे प्यार करता हु दिवानो कि तरह..
क्योंकि मै तो उससे प्यार करता हु दिवानो कि तरह 

 ҉  आशिकी कविताएँ ҉                               ҉  कितना खुदगर्ज हो गया है ये इंसान ҉



Tuesday, June 17, 2014

मेरे सैनिक विजय गीत गाते चल



मेरे सैनिक विजय गीत गाते चल  !
कारवा हो ऐसी जो हमेशा कदम बढ़ते चल !! 
चल साथ तू साथ कदम बढ़ाते चल !
मेरे सैनिल विजय गीत गाते चल !!

तेरे पैरो की थाप हो इस तरह ! 
दुश्मन के काप जाये मनोबल !!
तू चढ़ता चला जा तू बढ़ता चला जा !
हो विजय तुम्हारी हर - पल !!

वो मेरे सैनिक विजय गीत गाते चला चल !!!!

ना सोच पाये कोई भिड़ने को 
ना आँख दिखा पाये तुमको 
इस तरह विजय गीत गाता चल 
साथ - साथ कदम से कदम मिलाता चल 

रहे हैरान सारे दुश्मन 
हो जाये परेशान दुश्मन 
इस तरह विजय गीत गाता चल 
कदम से कदम मिलाता चल 

वो मेरे सैनिक विजय गीत गाते चला चल !!!!

                                       ҉  देशभक्ति कविताएँ ҉                               ҉  वतन की एक आवाज ҉